Friday, June 12, 2015

मुस्कुराते रहो

कुछ कहो न कहो, मुस्कुराते रहो
कल की कल ही नहीं
आज की सोचेंगे कल
मुस्कराहट की यूँ ही, हद में रहो
मुस्कुराते रहो, मुस्कुराते रहो

ज़िन्दगी आज है कल रहे न रहे
आज की खास है बात ही बात है
कोई कुछ भी कहे सोच अपनी रहे
आज आगाज़ है खास अंदाज़ है
सुगबुगाती ख़ुशी इसकी हद में रहो
मुस्कुराते रहो, मुस्कुराते रहो

रात बेचैन थी सुबह अब है नई
रौशनी में नहाई नई धूप है
ज़िन्दगी हर तरफ़ ऐसी मशरूफ है
कलियों सी महकती सभी ओर है
फूल के साथ तुम भी यूँ खिलते रहो
मुस्कुराते रहो मुस्कुराते रहो

दास्ताँ ऐसी कोई नई बन रही
देख लो आस पास ये तुम्हारी ही है
मुस्कुराते चमन में कई गुल खिले
मीठी मीठी कहानी है संग चल रही
अपने साये से तुम मिल के चलते रहो
मुस्कुराते रहो, मुस्कुराते रहो

2 comments:

Virendra Pal Singh said...

These are great lines which we should implement in our life

Udaya said...

yes Virendra..thanks for liking :)