Thursday, January 6, 2011

महंगे प्याज

नेताजी महंगे प्याज को लेकर
लोगों को सन्मार्ग दिखाने लगे
अपनी खीस से अब वे इधर
बचाव करने लगे बढ़े दामों का
आंसू तो बस आंसू ही ठहरे
प्याज के या घड़ियाल के हों
क्यों रोते हो रोना तुम यहाँ
प्याज के दामों का बार बार
शराब के दामों पर नहीं कहता
कोई भी तुममें से कोई शब्द!
प्याज भी एक तामसी पदार्थ है
दाम बढ़ेंगे तो समाज में भी
इसका सेवन कम ही तो होगा
फिर, पड़ोसी मुल्कों का प्याज
व्यापार के भी देगा नए अवसर
ये प्याज के आंसू बहाना छोडो
हमारी पार्टी से फिर नाता जोड़ो

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