Saturday, February 4, 2012

सबब

मुझसे मेरे हालात का ये सबब मत पूछो यारो
मैं तो बस ज़िन्दगी में मायने ढूंढते फिर रहा हूँ
मेरी जिज्ञासा लोगों में और भी बढती जाती है
जब भी मैं लोगों को क़रीब से जानने लगता हूँ
लोग कितना कुछ करते रहते कोई रहनुमा से
मैं तो बस यहाँ अपनी नज़र में गिरता रहा हूँ
कई लोगों के मज़बूर हालात को देखते देखते
मैं यहाँ खुद को ख़ुशनसीब समझने लगा हूँ
सबको समझाने वाले ख़ुद कभी नहीं समझते
बस इसीलिए मैं तो ख़ुद को समझाने लगा हूँ

1 comment:

babanpandey said...

मेरी जिज्ञासा लोगों में और भी बढती जाती है
जब भी मैं लोगों को क़रीब से जानने लगता हूँ/
this is true for everyone ..